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आज रात में जलेगी 5000 कंडों की होली
उज्जैन। शहर की सबसे प्राचीन सिंहपुरी की 5000 कंडों की होलिका का आज दहन होगा। पंडित रूपम व्यास ने बताया कि होली के सबसे ऊपरी हिस्से में हनुमानजी का झंडा लगाया जाता है। वह जिस तरफ गिरता है उसके आधार पर पंचाग बनाया जाता है। झंडा कभी जलाया नहीं जाता है। होली जलने के बाद अस्थियों की पूजा घर की महिलाएं करती है। यह शहर की एकमात्र होली है जिसे चकमक पत्थर से जलाया जाता है। इस होली का आयोजन गुर्जर गौड ब्राह्मण समाज करता है।
योगीपुरा में जलेगी चंदन के पेड़ की होली
संतोषी माता मंदिर में चंदन के पेड़ की होली जलेगी। भक्त प्रहलाद को बुआ की गोद में बैठाया दिखाया गया है। योगीपुरा की यह होली सालों से जलाई जाती रही है। होलिका का दहन सुबह चार बजे किया जाएगा।